मस्त विचार 4809

“चाक़ पर हैं या फिर कसौटी पर कसे हुए हैं,

वक़्त बतायेगा की सोना थे या फ़क़त मिट्टी थे हम.”

मस्त विचार 4808

बिखरने का सबब क्या कहें यारों किसी से अब,

काँच टूटता है तो कुछ टुकड़े समेटने में नहीं आते ..!!

मस्त विचार 4807

मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी तूने मेरा साथ नहीं छोड़ा है,

तो मैं क्यूँ एक असफलता के बाद सपनों का दामन छोड़ दूँ,,!!!

मस्त विचार 4805

मुझसे नफरत करने वाले भी, कमाल का हुनर रखते हैं.

मेरा दिखना भी गवारा नहीं और नज़र भी मुझ पर ही रखते हैं..

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