मस्त विचार 4678
जो बातें पी गऐ थे हम. ! वही बातें खा गई मुझको. ! !
पैर अक्सर किनारों पे ही फिसला करते हैं.
जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.
हमने भी रख दिए अपने सवालात बांधकर।”
इसलिए हमेशा हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास रखें.