मस्त विचार 4782
“ख़ुशी तलाशते हुए हमने ग़म इकट्ठे किये हैं,
ख़ुशी के लिये ही अब ये तलाश बंद कर दी.”
ख़ुशी के लिये ही अब ये तलाश बंद कर दी.”
दुःख इस बात का होता है, कि वह हमें भूल गया है… जिसे हम याद कर रहे हैं….
जिसे हमारे होने से फ़र्क पड़ता है _ _ और ना होने से भी..
यदि _ संतान को सब कुछ _ माता_पिता से ही मिल जाएगा,
तब सन्तान को _ अपने आप को _ साबित करने का _ मौका ही नहीं मिलेगा,
यह भी एक प्रकार की _ नाइंसाफी है.
कभी सब्र से, कभी बेसब्री से…