मस्त विचार 4879
लाखों में एक बनो, लाखों में लाखों नहीं.!!
_ या फिर कठिनाईयां हमारा रास्ता चुन लेगी.
_ इतने कटु भी नहीं कि वे आपको उगल दें ..
_ उसके साथ फिर सब लोग भी अच्छे हो जाते हैं.
_ लेकिन पर्याप्त पुल नहीं बांध सके ..
_ क्यों ना सफर थोड़ा हँस कर गुज़ार लिया जाए।।
_ वो भी कागजो व प्लानिंग पर लिखी जाने वाली ज़िन्दगी से अलग.!!