मस्त विचार 4819

*अपनी नेकी छुपाना, आपकी “सोच” का इम्तेहान है..*

_*और दूसरों के गुनाह छुपाना..* *आप के “किरदार”* *का इम्तेहान है….

मस्त विचार 4817

मुस्कुराहट के खेल में भी बाजी तुम ही मार लेते हो…

कभी मुस्कुरा कर जिंदा करते हो, कभी मुस्कुरा कर मार देते हो..

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