मस्त विचार 4902
लोग या तो बुरे हैं या बहुत बुरे या कम बुरे.. ‘पूर्ण अच्छा शायद ही कोई है’
– ऐसे में कम बुरे को चुनना हमारी विवशता है.!!
– ऐसे में कम बुरे को चुनना हमारी विवशता है.!!
_मगर जलने वाले भीड़ में.!!
_ क्योंकि जब आप शब्दों में झूठ बोलते हैं, तब आपकी आँखों की भाषा आपके भीतर का सच उगल देती है.!!
_ लेकिन दूसरों के हिसाब से जीना अक्सर उलझनों को जन्म देता है.!!
_ उन्हें वहीं कहना चाहिए.. जहां समझने का हुनर भी हो.!!