मस्त विचार 4806
है जमाने की फितरत बदल जाने की,
अब किसी का भी होना नहीं चाहिए.
अब किसी का भी होना नहीं चाहिए.
मेरा दिखना भी गवारा नहीं और नज़र भी मुझ पर ही रखते हैं..
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..
देखी तो होगी तुमने..पतंगें कटी हुई..!
और शिकायत सबको हवा से रहती है…
अगर वो मेरे थे तो _ मेरे हुए क्यों नहीं..