मस्त विचार 4904
नेकी करने वाला इंसान मतलबी नहीं बनता..
_ वह सिर्फ़ वहां से किनारा कर लेता है.. जहां उसकी कदर नहीं होती.!!
_ वह सिर्फ़ वहां से किनारा कर लेता है.. जहां उसकी कदर नहीं होती.!!
_ जो लंबे समय से झूठ में जी रहे होते हैं.!
– ऐसे में कम बुरे को चुनना हमारी विवशता है.!!
_मगर जलने वाले भीड़ में.!!
_ क्योंकि जब आप शब्दों में झूठ बोलते हैं, तब आपकी आँखों की भाषा आपके भीतर का सच उगल देती है.!!
_ लेकिन दूसरों के हिसाब से जीना अक्सर उलझनों को जन्म देता है.!!