मस्त विचार 4090

यहां हर शख्स मुसाफिर है, __एक दिन यादों से भी चला जाता है..!!
मुसाफिर हूँ मैं भी मुसाफिर हो तुम भी, किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी.!!
किसी के लिए कितना भी कर लीजिए..

_पर वो याद वही रखेगा ..जो आप कर नहीं पाये..!!

मस्त विचार 4089

औरों से क्या गिला शिकवा करना, _ अब तो अपने भी हाल नहीं पूछते..
ज़िन्दगी बीत जाती है.. _ अपनों को अपना बनाने में..!!
जब हिसाब लगाने की बारी आई तो पता चला की सबसे ज़्यादा दर्द..

_ ग़ैरों के मुक़ाबले अपनों से ही मिलता है.!!

मस्त विचार 4088

हुनर तो नहीं था मुझमे बदल जाने का,,,

_ बस मेरे कुछ अपनों ने मुझे ये प्यारा सा तरीका सिखाया !!

आप अभी स्वयं की सीमाओं से परिचित नहीं,

_ आप सब कुछ सह कर भी निखरने का हुनर रखते हो !!

जिंदगी में आये हो तो ..जीने का हुनर रखना..

_ दूसरों से कोई शिकवा नहीं.. पर अपनों पर नजर रखना..!!

कुछ लोग हुनर रखते हैं किसी के हुनर छीनने का..

उसकी खुशियां, उसकी मुस्कान, उसकी अच्छाई, उसकी सच्चाई..

_ कमाल कि बात यह है कि इतना कुछ छीन लेने के बाद भी वह खाली रह जाते हैं..!!

हर कोई थोड़ा अच्छा, थोड़ा थोड़ा ख़राब है,,

_ हर किसी के हुनर अलग ..अपने में लाजवाब हैं !!

मस्त विचार 4086

उम्र भर हम यूं ही गलतियां करते रहे …

_ धूल चेहरे पर थी ..और हम आईना साफ करते रहे..

आज टूट गया तो बच कर निकलते हो, कल आईना था तो रूककर देखते थे.!!
मुझे सबसे ज्यादा हंसी तब आती है जब मैं आईने को देखता हूं,

_ ये कैसी बेकार चीज है, मेरा तो कोई अस्तित्व ही नहीं है, फिर भी मैं खुद को देखता रहता हूं,
_ फिर मुझे याद आता है कि ये बेकार है लेकिन ये सच है,
_ मैं अस्तित्वहीन हूं और नकली,
_ अब मुझे एक ऐसे आईने की तलाश है जो चेहरा नहीं मुझे मेरी असलियत दिखाए…!

मस्त विचार 4085

इटों ने तों सोचा था…. मिलकर घर बनाएगें …

_क्या पता था ..रहनें कों पत्थर ही आएगें.

जो सोचा था वो हुआ नहीं, जो हो रहा है वो कभी सोचा नहीं था..!!
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