मस्त विचार 4804
वक़्त _तो _बहुत_कम_गुजारा _तुम्हारे___साथ…
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..
देखी तो होगी तुमने..पतंगें कटी हुई..!
और शिकायत सबको हवा से रहती है…
अगर वो मेरे थे तो _ मेरे हुए क्यों नहीं..
एड़ियां उठाने से शख्सियत बड़ी नहीं होती…!!
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया..