मस्त विचार 4723
अजीब लोग हैं, इन पर तो रहम आता है,
जो काँटे बोकर जमी से गुलाब मांगते हैं.
जो काँटे बोकर जमी से गुलाब मांगते हैं.
और इससे नीचे नहीं आने वाला..
इज़्ज़त से जो मिल जाये वो कतरा ही बहुत है,,
बस जो भी हुँ अपने दम पर हुँ ” यही मेरे लिए काफी है “
उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं….!!
कमबख्त अगर हम ही इसे जीना ना सीख पाएं तो
इसमें जिंदगी की क्या गलती.