मस्त विचार 4790
मैंने तो स्वीकारी थी आपकी सारी कमियाँ,
आप भी कभी मुझे अपनाते तो अच्छा लगता !!
आप भी कभी मुझे अपनाते तो अच्छा लगता !!
वरना मेरी उम्मीद बढ़ती ही जा रही थी..
#बस_ तू _साथ_दे_मेरा_मैं_अकेला_ही_काफी_हूँ..
कर्म की शाख को भी हिलाना पड़ता है..
सोच रहा हूँ _ जब मिले थे तो _ कौन सा हुनर था मुझमें..