मस्त विचार 4158
जमाना भी कितना अजीब है,
नाकाम देख कर हँसता है और कामयाब देखकर जलता है !
नाकाम देख कर हँसता है और कामयाब देखकर जलता है !
जिसे आदमी अपनी तरह से लिखना चाहता है,
और जिंदगी अपनी तरह से लिखती है “
अब बस खुद का ख्याल रखेंगे !
जब आदमी अपने पूरे होशो-हवास में हो.
.. पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे ।।
_ मुस्कुराएं जनाब, ये जिंदगी आपकी ही है.