मस्त विचार 4145

पहले उलझते थे हर बात पर,,,अब खामोशी से हार मान लेते हैं;

कुछ हादसों ने हमें समझदार बना दिया…

मस्त विचार 4143

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पर भी शक करना,

मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था.

बहुत बड़ी दुनिया है, किसी के जाने से कुछ सूना नहीं होता, खुश भले हो जाएं लोग ये संसार है.

मस्त विचार 4142

सब चीजें किस्मत से नहीं मिलती है..

_ कुछ चीजों के लिए काबिल बनना पड़ता है !

किस्मत भी उसी का साथ देती है, जो खुद कुछ करने की छमता रखते हैं..!!
ज़िंदगी कर्म प्रधान है किस्मत बदलती ही रहती है.

मस्त विचार 4141

मैं किसी से बेहतर करूँ क्या फ़र्क़ पड़ता है लेकिन

_ मैं किसी का बेहतर करूँ बहुत फ़र्क पड़ता है..

किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप क्या चाहते हो ?

_ सबको बस एक फ़िक्र है, आप कितना उनकी हां में हाँ मिला पाते हो..!!

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