मस्त विचार 4140

नसीहत देता हूँ इसका मतलब ये नही कि मैं समझदार हूँ,

मैंने गलतिया आपसे ज्यादा कर-करके सिखा है..!!

मस्त विचार 4139

इच्छाओं ने इंसानो को जीना भुला कर मशीन बना दिया है.!!
साथ रहते रहते वक्त यूँ ही गुजर जाएगा,

_ दूर होने के बाद कौन किसे याद आएगा..
_ जी लो ये पल जब हम साथ साथ है..
_ कल का क्या पता वक्त कहाँ ले जाएगा..
जो भी है, बस यही इक पल है.
_इस पल के बाद वाले पल का किसी को पता नहीं..
_जीवन की इस सचाई के लिए बच्चा, जवान, बूढ़ा, सब एक समान हैं.
इंसान सोचता कुछ है पर होता कुछ और ही है,

_ बहुत कम लोग अपनी इच्छाओं को जीवंत होते देख पाते हैं,
_ हम ख्वाब देखते हैं, आराम से जिंदगी व्यतीत करने की सोचते हैं,
_ पर कभी नहीं सोचते कि अगले ही पल न जाने क्या होने वाला है ?
_ यह खूबी है इंसान में कि उसे पता है कि अगले पल का भरोसा नहीं..
_ पर फिर भी लगातार मेहनत करता रहता है, वह कर्म करने से पीछे नहीं हटता !!

मस्त विचार 4137

मेरी तकदीर भी उस तस्वीर के जैसी है !

_ जिसे लोग धुंदली होने पर घर से बाहर फैंक देते हैं !!

जिंदगी आसान नहीं है,

लेकिन ‘जीवन’ का सारा संघर्ष सिर्फ ‘जीवित रहने’ के लिए है…

हम कुछ ‘सपने’ जरूर बुनते हैं,

लेकिन ‘तकदीर’ में तो कुछ और लिखा होता है…

मस्त विचार 4135

अकेले चलो और अकेले रहो,,

_ मतलबी दुनिया से ये गली अच्छी है.

ज़िन्दगी बहुत महंगी है, मतलबी लोगों पर बर्बाद ना करें !!
error: Content is protected