मस्त विचार 4007
किस्सा बना दिया उन लोगों ने मुझे,
_ जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे..!!
_ जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे..!!
_ पर मैँ तो पानी की तरह से और ऊँचा हो गया.
_ मेरी चंद लाइनों में सिर्फ तेरा ही ” जिक्र ” होता है ..!!!!
_ मैं फिर से उग जाऊंगा, तुम देख लेना..
_ जिस दिन वह सीखना बंद कर देता है, उस दिन से उसका वजूद ठहर जाता है.!!
_ मैंने उन्हीं को जोड़कर एक घर बना लिया.
_मौका मिलते ही मार देते है …और आप हैरान देखते रह जाते हैं..!!
_ मुश्किल उसको ढूंढ़ना, जो इसका हकदार..