मस्त विचार 4134
आपकी बदनामी का धुंआ, वहीँ से उठता है ;
जहाँ आपके नाम से आग लग जाती है..
जहाँ आपके नाम से आग लग जाती है..
तेरे बारे में बात सिर्फ़ खुदा से होती है.!!
तू बता तेरी ” तबियत ” कैसी है…
और तू आज भी बेखबर है..कल की तरह !!
_ एक हक़ीक़त तो यह भी है.