| Apr 5, 2024 | मस्त विचार
बात तो होती है, पर अब बातों में वो बात नही होती..
न जाने कहाँ चला गया है आज का इंसान
_बात तो करता है _बातें नहीं करता..!!
| Apr 4, 2024 | मस्त विचार
लफ्जो की दहलीज पर, घायल ज़ुबान है……!!
_ कोई तन्हाई से तो कोई, महफ़िल से परेशान है..!!
ज़ुबान अगर तेज़ हो तो खंजर से भी गहरा दर्द करती है.
| Apr 3, 2024 | मस्त विचार
सलाह देने वाले लाखों मिल जाएंगे तुम्हे…
_ तलाश उनकी करो जो हर पल साथ दें !!
| Apr 2, 2024 | मस्त विचार
वक्त ने थोड़ा सा साथ नही दिया,
_ तो लोगो ने काबिलियत पर शक करना शुरू कर दिया.
| Apr 1, 2024 | मस्त विचार
रास्ते खुद ब खुद मंज़िलो के पते बताते हैं,
_ मील के पत्थर, जब हमसफ़र बन जाते हैं..
ये जग एक सराय है मंज़िल नहीं, मुसाफिर की तरह रहो..!!
आपको कोई रास्ता तो दिखा सकता है, लेकिन मंज़िल तक तो खुद ही पहुंचना होगा.
_ मगर सही रास्ता दिखाने में लगी effort को भी लोग appreciate नहीं करते.!!
रास्ता जितना कठिन होता है, मंज़िल पर पहुंच कर उतनी ही राहत मिलती है.
(मंज़िल चाहे जैसी भी हो.)
| Mar 31, 2024 | मस्त विचार
अगर बुरी आदतों को सही समय पर नही बदला जाता है,
_तो वे आपके सही समय को गलत में बदल देगी.
जब तक आप अपनी आदतें नहीं बदलेंगे,
_ तब तक आप अपना जीवन नहीं बदल सकते.!!
कुछ आदतें बिना किसी पीड़ा में फंसे छोड़ देनी चाहिए, बिना उसके किसी विकल्प के.. “बस संकल्प के साथ.”
_विकल्प से छूटी आदतें पीछा करती हैं.
_ दंश से छूटी आदत यादों के सीने में खंजर चुभोती हैं, लेकिन जिसे हम सहजता से छोड़ देते हैं, वो मन में गौरव पैदा करती है.
_आदमी कुछ भी छोड़ सकता है. “कुछ भी”
_बस चाहना होता है..!!
“अब ज़िंदगी अच्छे- बुरे में विकल्प नहीं देती,
_ विकल्प देती है बुरे या बहुत बुरे में.. और कभी कभी हम ख़ुद बहुत बुरा होना चुनते हैं.!!