मस्त विचार 3977
ख़ुद में झाँकने के लिए जिगर चाहिए,
_ दूसरों में बुराई बताने में तो हर शख्स माहिर होता है.
मेरी तो बुराई भी वो लोग करते हैं, जिन्हें मैं पसंद नहीं करता हूँ..!!
_ दूसरों में बुराई बताने में तो हर शख्स माहिर होता है.
_हम रूह की बातें करते हैं, तुम जिस्म पे अटके हो..
_ तकदीर बदल जायेगी अपने आप ही, यार, मुस्कराना सीख ले _वजह की तलाश ना कर..
_ अगर वो बड़ी है, तो वो अपने आप ही आप से बड़े-बड़े काम करवाते चली जाएगी..!!
_ और एक दुनिया है, जो पता नहीं मुझे क्या -क्या समझती है..
_ जिन्दगी की असली खूबसूरती _ये नहीं है कि आपसे कितने खुश हैं ”