मस्त विचार 4099
दोगले इंसान के दुश्मन नहीं होते हैं जनाब.!
_ दुश्मन तो उसके होते हैं जो हक़ की बात कहता है.!!
दर्द तब हुआ जब हम नजर अंदाज किये गए..
मुफ्त में जिंदगी उदास कर बैठे..
_ यह जिम्मा मैंने वक़्त को दे रखा है…!!
धीरे-धीरे ही सही मगर थोड़ा बहुत हम भी आगे बढ़ लेंगे !
बुझ जाऊंगा किसी रोज़… मैं सुलगते सुलगते !!