मस्त विचार 4057
मुझे पता है कैसे- कैसे खुद को मैंने बर्बाद किया,
_ पांच मिनट की बात की खातिर, चौबीस घंटे इंतजार किया..
मैं किसी का इंतजार क्यों कर रहा हूँ ?
_ कोई जिसने कभी मेरी परवाह नहीं की ?
_ कोई ऐसा जिसके लिए मैं कभी था ही नहीं..!!
_ पांच मिनट की बात की खातिर, चौबीस घंटे इंतजार किया..
_ कोई जिसने कभी मेरी परवाह नहीं की ?
_ कोई ऐसा जिसके लिए मैं कभी था ही नहीं..!!
_ वापस आती ना ही जिंदगी में आये लोग..
_ गम इस बात का है कि मैंने उसे बेहिसाब सफाई दी.
_ पर कौन सा है उसका घर ये तलाश जारी है..
_ उम्मीदें हमेशा दर्द देती है..
_ साफ है इससे कि वो कितनों को सहता है.