मस्त विचार 4070

शीशा तो टूट कर भी अपनी कशिश बता देता है,

_ दर्द तो उस पत्थर का है जो टूटने के काबिल भी नहीं..

टूटे शीशे से न पूछ सबब टूटने का,

_ अगर दम है तो पत्थर से सवाल कर..!!

पत्थर पहले खुद को पत्थर करता है,

_ तब जा कर कुछ कारीगर करता है.!!

टूटने का मतलब हमेशा ख़त्म होना नहीं होता,

_ कभी कभी टूटने से ज़िन्दगी की शुरुआत होती है.!!

मस्त विचार 4069

मुझसे इस बार मिलोगे तो समझ जाओगे…

_ कैसा होता है किसी का पत्थर होना …

‘पत्थर’- पत्थर होने से पहले मिट्टी था,

_ उसे पत्थर असीमित ताप और दाब ने बनाया है !!

_” यही नियम इंसानों पर भी लागू होता है !!”

मस्त विचार 4065

यह वो दौर है, – जब आप किसी को थोड़ी अहमियत देने लगते हैं,

_ तब वही लोग आपको नजरअंदाज भी करने लगते हैं,,

अहमियत देने पर लोग इतराते बहुत हैं..!!
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