Quotes by Travel Point

कुछ लोग जब दुखी होते हैं, तो अपनी तकलीफ़ बता देते हैं.

_ लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो टूटकर भी किसी को अपनी टूटन का एहसास नहीं होने देते.

_ वो शिकायत नहीं करते, हिसाब नहीं मांगते और न ही सामने वाले को उसकी गलती का एहसास कराने की कोशिश करते हैं.

_ बस धीरे-धीरे अपने भीतर से उस रिश्ते को समेटने लगते हैं, जिसे उन्होंने कभी पूरे मन से जिया था. _ उनकी सबसे बड़ी खूबी यही होती है कि चोट खाने के बाद भी उनके भीतर की अच्छाई खत्म नहीं होती.

_ वो वही नरमी रखते हैं, वही अपनापन रखते हैं और दूसरों के दर्द को समझते रहते हैं.

_ फर्क बस इतना आता है कि अब वो अपना दर्द हर किसी के सामने रखना बंद कर देते हैं. _ एक दिन आपको लगेगा कि सब पहले जैसा ही है.

_ वो बात करेंगे, मुस्कुराएंगे, आपकी मदद भी करेंगे.

_ लेकिन उनके भीतर कहीं एक दरवाज़ा बंद हो चुका होगा.

_ ऐसा दरवाज़ा जिसे उन्होंने गुस्से में नहीं, बार-बार निराश होने के बाद बंद किया होगा.

_ किसी अच्छे इंसान को खोना अक्सर किसी रिश्ते के खत्म होने जैसा नहीं दिखता.

_ वो बिना किसी आखिरी लड़ाई के दूर हो जाता है.

_ उसकी आवाज़ में नाराज़गी नहीं होती, बस पहले जैसी गर्माहट नहीं रहती.

_ उसकी मौजूदगी होती है, लेकिन उसमें पहले जैसा अपनापन नहीं होता.

_ और शायद सबसे गहरी बात यही है कि सच्चे दिल वाले लोग हमेशा आपको छोड़ना नहीं चाहते.

_ वो बहुत देर तक रिश्ते को बचाने की कोशिश करते हैं.

_ आपकी गलतियों को समझते हैं, आपकी मजबूरियों को जगह देते हैं और कई बार अपने हिस्से का दर्द भी खुद उठा लेते हैं.

_ लेकिन हर दिल की भी एक सीमा होती है.

_ जिस दिन उन्हें महसूस हो जाता है कि उनके होने और न होने से अब कोई फर्क नहीं पड़ता, उसी दिन वो भीतर से विदा लेना शुरू कर देते हैं. _ फिर उनका जाना अचानक नहीं होता.

_ वो तो बहुत पहले अपने मन में दूर हो चुके होते हैं, बस आपको पता देर से चलता है.

_ इसलिए किसी ऐसे इंसान को बार-बार मत आज़माइए, जो आपको पूरे दिल से अपना मानता है.

_ क्योंकि भरोसा कांच की तरह टूटकर हमेशा आवाज़ नहीं करता.

_ कभी-कभी वह बस इतना करता है कि इंसान आपके सामने खड़ा रहता है, लेकिन अपना दिल आपसे वापस ले लेता है.

_ और जब कोई सच्चा दिल अपना दरवाज़ा बंद कर लेता है, तो उसे खोलने के लिए पछतावा भी कई बार बहुत देर से आता है.!!

– Travel Point

हम अक्सर ऐसे इंसान की तलाश में रहते हैं, जो हमारी अधूरी जिंदगी को पूरा कर दे.

_ कोई ऐसा जो हमें समझे, हमारे डर को पहचान ले और हमारे बिखरे हुए हिस्सों को समेट दे.

_ लेकिन शायद हम यह भूल जाते हैं कि जिस सहारे की तलाश हमें है, उसकी जरूरत सामने वाले को भी हो सकती है.

_ हम चाहते हैं कि कोई हमें बदल दे, हमें मजबूत बना दे, हमारे भीतर उम्मीद जगा दे.

_ लेकिन खुद किसी के अंधेरे में एक छोटी सी रोशनी बनने की कोशिश बहुत कम लोग करते हैं.

_ हम दूसरों से वो हिम्मत मांगते रहते हैं, जिसे अपने भीतर पैदा करने से डरते हैं.

_ सच तो यह है कि कोई भी इंसान पूरी तरह मुकम्मल होकर हमारी जिंदगी में नहीं आता.

_ हर किसी के भीतर कुछ टूटे हुए सपने होते हैं, कुछ अनकहे डर होते हैं और कुछ ऐसी लड़ाइयां होती हैं, जिनके बारे में दुनिया को कुछ पता नहीं होता.

_ शायद रिश्तों का मतलब किसी परफेक्ट इंसान को ढूंढ लेना नहीं, बल्कि दो अधूरे लोगों का एक-दूसरे की कमियों के साथ चलना सीखना है.

_ किसी को बदल देना नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपे उस इंसान पर भरोसा करना है, जिसे वह खुद भी कभी-कभी भूल जाता है.

_ हम सब चाहते हैं कि कोई हमारा हाथ थामे, लेकिन जिंदगी शायद तब खूबसूरत होती है जब हम किसी का हाथ थामने की शुरुआत खुद करते हैं.

_ किसी के डर का मजाक उड़ाने के बजाय उसके साथ खड़े होना, किसी की कमजोरी गिनाने के बजाय उसे अपनी ताकत पहचानने में मदद करना और किसी के गिरने पर यह कहने के बजाय कि तुम कमजोर हो, बस इतना कहना कि चलो, एक बार फिर कोशिश करते हैं.

_ क्योंकि बेहतर इंसान मिलने से जिंदगी बेहतर नहीं होती, कई बार किसी के साथ चलते-चलते हम खुद बेहतर इंसान बन जाते हैं.

_ शायद जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा यही है कि हमें किसी मुकम्मल इंसान का इंतजार नहीं करना चाहिए.

_ हमें खुद इतना बेहतर बनने की कोशिश करनी चाहिए कि किसी और की जिंदगी में हमारे होने से उसे अपने भीतर थोड़ा और उजाला दिखाई देने लगे.

_ आखिर में, किसी बेहतर इंसान की तलाश से ज्यादा जरूरी है, किसी के लिए बेहतर इंसान बनने की कोशिश.!!

– Travel Point

किसी अच्छे इंसान को चोट पहुँचाने की सबसे खतरनाक बात ये नहीं होती कि वो रोएगा या आपसे लड़ाई करेगा…

_ असली बात ये होती है कि एक दिन वो चुप हो जाएगा.

_ वो आपको दोष नहीं देगा. सवाल नहीं करेगा. बदला लेने की कोशिश भी नहीं करेगा.

_ बस धीरे-धीरे अपने उस हिस्से को आपसे वापस ले लेगा, जो कभी पूरी तरह आपका हुआ करता था.

_ पहले आपके एक संदेश का इंतज़ार करने वाला इंसान, आपके जवाब का इंतज़ार करना छोड़ देगा.

_ आपकी छोटी-सी परेशानी पर बेचैन होने वाला इंसान, एक दिन आपकी परेशानियों से अनजान रहने लगेगा.

_ और सबसे अजीब बात… आपको पता भी नहीं चलेगा कि ये दूरी कब शुरू हुई.

_ क्योंकि अच्छे लोग अक्सर रिश्ते तोड़ते नहीं हैं… वे पहले उम्मीदें छोड़ते हैं.

_ वे कई बार खुद को समझाते हैं कि शायद सामने वाला बदल जाएगा.

_ शायद उसे अपनी गलती समझ आएगी.

_ शायद अगली बार वो उस दिल को नहीं दुखाएगा, जिसने हमेशा उसका साथ दिया.

_ लेकिन हर बार थोड़ा-थोड़ा टूटने के बाद एक दिन भीतर कुछ बिल्कुल शांत हो जाता है.

_ फिर शिकायत खत्म हो जाती है, इंतज़ार खत्म हो जाता है.

_ और वो इंसान, जो कभी आपको खोने के ख्याल से डरता था, आपको खोकर भी शांत रहने लगता है.

_ ये नफ़रत नहीं होती.

_ ये वो पल होता है जब इंसान समझ जाता है कि किसी को अपना समझना और किसी का आपके अपने होने की कद्र करना… दोनों अलग बातें हैं.

_ उसके बाद वो आपके खिलाफ कुछ नहीं करेगा.

_ शायद आज भी आपकी खुशी चाहेगा.

_ शायद मुश्किल वक्त में मदद भी कर दे. लेकिन उसके दिल में आपके लिए जो जगह कभी घर जैसी थी, वहां अब सिर्फ एक बंद दरवाज़ा होगा.

_ और सबसे दर्दनाक बात ?

_ उस दरवाज़े पर दस्तक देने के लिए शायद आप बहुत देर कर चुके होंगे.

_ क्योंकि कुछ दूरियां अचानक नहीं बनतीं, वो उन छोटी-छोटी चोटों से बनती हैं जिन्हें सामने वाला बार-बार अनदेखा करता रहा.

_ इसलिए अगर आपकी ज़िंदगी में कोई ऐसा इंसान है, जो आपकी गलतियों के बावजूद आपको समझता है, आपकी खामोशी पढ़ लेता है और बिना मांगे आपका साथ देता है… तो उसकी सहनशीलता को उसकी कमजोरी मत समझिए.

_ क्योंकि कुछ लोग जब चले जाते हैं, तो उनके जाने की आवाज़ नहीं होती.

_ बस एक दिन आपको एहसास होता है कि जिस इंसान को आप हमेशा अपने पास समझते थे, वो अब आपके पास होकर भी आपके जीवन में नहीं है.

_ और तब शायद पछतावा बहुत होगा… लेकिन वो दिल, जो कभी आपके लिए दरवाज़ा खोलकर बैठा था, शायद तब तक अंदर से हमेशा के लिए बंद हो चुका होगा.

_ सबसे मुश्किल बात ये नहीं होगी कि वो आपसे दूर हो गया, बल्कि ये होगी कि आप चाहकर भी उस पुराने रिश्ते को वापस नहीं ला पाएंगे.

_ क्योंकि कुछ रिश्ते टूटने के बाद खत्म नहीं होते… बस उनमें लौटने का रास्ता हमेशा के लिए खो जाता है.

– Travel Point

जिंदगी में सबसे खतरनाक गलती शायद वह नहीं होती जब हम कोई गलत फैसला लेते हैं, बल्कि वह होती है.. जब कोई अपना हमारे लिए सही फैसला ले रहा हो और हम उसे गलत समझ बैठें.

_ कुछ लोग हमारी हर इच्छा पूरी करने के लिए नहीं, बल्कि हमें उन मुश्किलों से बचाने के लिए हमारे साथ होते हैं, जिनका अंदाजा हमें उस वक्त नहीं होता.

_ वे हमारी बातों से ज्यादा हमारी हालत समझते हैं, इसलिए कई बार हमें वह नहीं देते जो हमें अच्छा लगता है, बल्कि वह करते हैं.. जिसकी हमें सच में जरूरत होती है.

_ मुश्किल यहीं से शुरू होती है.

_ जो मिला है, उसकी खुशी अक्सर जल्दी खत्म हो जाती है, लेकिन जो नहीं मिला उसका दर्द लंबे समय तक पीछा करता रहता है.

_ फिर हम उन्हीं हाथों को कसूरवार समझने लगते हैं, जिन्होंने हमें संभालने के लिए जाने कितनी बार खुद को पीछे किया था.

_ हमें उनकी चिंता दिखाई नहीं देती, उनकी मजबूरी दिखाई नहीं देती, उनके त्याग का अंदाजा नहीं होता.

_ दिखाई देता है तो बस अपना अधूरा सपना.

_ धीरे-धीरे यही अधूरापन इतना बड़ा हो जाता है कि सामने खड़ी पूरी जिंदगी छोटी लगने लगती है.

_ सबसे अजीब बात यह है कि दिल के किसी कोने में हमें यह एहसास भी होता रहता है कि शायद गलती हमारी है.

_ कभी अकेले में मन पूछता है कि क्या सच में मेरे अपने मेरे खिलाफ हैं, या मैं ही उनकी मोहब्बत को समझ नहीं पा रहा ?

_ लेकिन उस सवाल का जवाब स्वीकार करना आसान नहीं होता.

_ अहंकार हमें रोकता है और अपनी चाहतों के आगे बाकी सब कुछ छोटा दिखाई देने लगता है.

_ फिर एक दिन वही इंसान दूर हो जाता है.

_ और तभी उसकी डांट में छिपी चिंता, उसकी रोक-टोक में छिपा डर और उसके फैसलों के पीछे छिपी मोहब्बत समझ आने लगती है.

_ तब एहसास होता है कि जिसे हम अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी कमी समझ रहे थे, शायद वही हमें किसी बड़ी परेशानी से बचा रहा था.

_ जिसे हम अपना दुश्मन समझ बैठे थे, वह शायद आखिरी इंसान था जो हमारे गिरने से पहले हमें पकड़ने की कोशिश कर रहा था.

_ हर किसी को जिंदगी में ऐसा इंसान नहीं मिलता.

_ इसलिए अगर आज कोई आपकी हर इच्छा पूरी नहीं करता, लेकिन आपकी जरूरत के वक्त आपके साथ खड़ा रहता है, तो उसकी कद्र कीजिए.

_ क्योंकि जिंदगी में सबसे बड़ा पछतावा किसी चीज के न मिलने का नहीं होता, सबसे बड़ा पछतावा तब होता है जब हमें समझ आता है कि जिसे हम रोकने वाला समझते रहे, वही हमें टूटने से बचा रहा था… और तब तक वह हमारे पास नहीं रहता.!!

– Travel Point

कभी-कभी जिंदगी हमें किसी इंसान से नहीं, बल्कि अपनी ही उम्मीदों से हरा देती है.

_ हम सोचते हैं कि कोई हमारे साथ हमेशा खड़ा रहेगा, कोई हमारी खामोशी समझ लेगा, कोई मुश्किल वक्त में हाथ नहीं छोड़ेगा.

_ लेकिन जब वक्त करवट लेता है, तब पता चलता है कि जिन कंधों को हमने अपना सहारा समझा था, वे भी कभी रास्ते में छूट सकते हैं.

_ शायद इसी का नाम जिंदगी है, जहां उम्मीदें खूबसूरत तो बहुत होती हैं, लेकिन हर उम्मीद का पूरा होना जरूरी नहीं.

_ उम्मीदें अक्सर धोखा देती हैं.

_ हम किसी को जितना अपना समझते हैं, जरूरी नहीं कि वह भी हमें उतना ही अपना समझे.

_ हम किसी रिश्ते को जिंदगी भर निभाने का सपना देखते हैं, लेकिन सामने वाला शायद उस रिश्ते को कुछ दूर तक का सफर ही मानता हो.

_ सबसे ज्यादा दर्द तब होता है जब हम किसी से कुछ मांगते भी नहीं, बस इतना चाहते हैं कि वह वक्त आने पर हमारे साथ खड़ा रहे.

_ और जब वही इंसान पीछे मुड़कर चला जाता है, तो उसके जाने से ज्यादा उस भरोसे के टूटने की आवाज सुनाई देती है, जिसे हमने बड़ी खामोशी से अपने भीतर बनाया था.

_ ऐसे पल इंसान को अंदर तक हिला देते हैं, लेकिन यही पल उसे एक ऐसी सच्चाई भी सिखाते हैं, जिसे किताबों में नहीं पढ़ाया जा सकता.

_ हर किसी से उम्मीद मत रखो, क्योंकि हर कोई आपकी तरह महसूस नहीं करता.

_ किसी के साथ चलो तो दिल से चलो, लेकिन अपनी पूरी जिंदगी का रास्ता उसके कदमों पर मत छोड़ो.

_ क्योंकि जिंदगी का सबसे बड़ा रोमांच शायद यही है कि जब अपने समझे हुए लोग भी रास्ते में छूट जाएं, तब इंसान अकेला आगे बढ़ना सीखता है.

_ और एक दिन पीछे मुड़कर देखता है तो समझ आता है कि जिसे वह अपना अंत समझ रहा था, वही उसके एक नए सफर की शुरुआत थी.!!

– Travel Point

एक दिन सब पीछे छूट जाएगा… फिर आज किस बात का इतना मोह है ?

_ सोचो, तुम एक अनजान रास्ते पर निकल पड़े हो.

_ सामने ऊंचे पहाड़ हैं, नीचे गहरी खाई और दूर तक फैला जंगल.

_ तुम्हारे साथ चल रहा कोई मुसाफिर अचानक कहता है, “मुझे अब तुम्हारे साथ नहीं चलना”

_ तुम क्या करोगे ? उसकी राह में बैठकर अपनी पूरी यात्रा रोक दोगे, या अपना बैग उठाकर आगे बढ़ जाओगे ?

_ बस, जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है.

_ लोग मिलेंगे, वादे करेंगे, तुम्हारे साथ सपने देखेंगे और फिर किसी मोड़ पर रास्ता बदल लेंगे.

_ कुछ तुम्हें बिना वजह छोड़ेंगे, कुछ तुम्हारी हजार कोशिशों के बाद भी तुम्हें नहीं समझेंगे.

_ लेकिन उनकी पसंद को अपनी किस्मत का फैसला बना लेना, यह तुम्हारी सबसे बड़ी भूल होगी.

_ दुनिया बहुत बड़ी है.

_ किसी एक इंसान के बदल जाने से यहां के रास्ते खत्म नहीं होते, आसमान से तारे गायब नहीं हो जाते और सुबह होना बंद नहीं हो जाता.

_ तुम उन लोगों के पीछे अपनी रातें क्यों बर्बाद कर रहे हो, जिन्हें तुम्हारी सुबह की परवाह तक नहीं ?

_ एक बार अपने भीतर झांककर देखो.

_ तुमने कितने सपने सिर्फ इसलिए टाल दिए, क्योंकि तुम्हारा मन किसी के लौटने की उम्मीद में अटका रहा.

_ कितनी जगहें नहीं देखीं, कितने फैसले नहीं लिए और कितनी बार अपनी खुशी को किसी दूसरे के व्यवहार से जोड़ दिया.

_ अब जरा उस जिंदगी की कल्पना करो, जिसमें तुम्हें किसी के जवाब का इंतजार नहीं, किसी के बदलते मिजाज का डर नहीं और किसी को अपनी अहमियत समझाने की मजबूरी नहीं.

_ सुबह उठो, अपना बैग उठाओ और उस रास्ते पर निकल पड़ो, जहां तुम्हारा दिल जाना चाहता है.

_ कभी पहाड़ों में खो जाओ, कभी किसी अनजान गांव की गलियों में घूमो, कभी नदी किनारे बैठकर खुद से बातें करो.

_ दुनिया को अपनी आंखों से देखो, न कि किसी एक इंसान की नजरों से.

_ क्योंकि एक दिन उम्र का यह सफर भी पीछे छूट जाएगा.

_ तब शायद तुम्हें इस बात का अफसोस नहीं होगा कि कौन तुम्हारे साथ नहीं चला, बल्कि इस बात का होगा कि तुम किसी के इंतजार में खुद कितना कम जिए.

_ इसलिए किसी को अपनी जिंदगी से बांधकर मत रखो और खुद भी किसी की बेरुखी की जंजीरों में मत बंधो.

_ जिसे जाना है, उसे जाने दो- तुम्हें अभी बहुत दूर जाना है.

_ याद रखना, मुसाफिर की सबसे बड़ी हार रास्ते में अकेला रह जाना नहीं है.

_ उसकी सबसे बड़ी हार है, किसी के साथ छूट जाने के डर से अपनी मंजिल तक पहुंचने का सफर ही छोड़ देना.!!

– Travel Point

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