मस्त विचार 3799

जुगनुओं को चमकने के लिए रोशनी की ज़रूरत नहीं होती है.
अंधेरे समय में रोशनी दिखाने के लिए एक मोमबत्ती की रोशनी भी पर्याप्त है.

_ सब रोशन करने के लिए सूरज की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है.

जो सूरज को चाहता है, वो दीयों से संतुष्ट नहीं होता.

_ जो सूर्य से प्रेम करता है वह दीपक से संतुष्ट नहीं होता.

मस्त विचार 3795

दूसरों को मिटाने की धुन में आदमी ख़ुद को यूँ मिटाता है,

_जैसे चुभने की फ़िक्र में काँटा शाख़ से ख़ुद ही टूट जाता है.

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