मस्त विचार 3956
अब दिल नहीं लगता महफ़िलों में,
_क्योंकि अकेला रहने में सुकून मिलने लगा है..
_क्योंकि अकेला रहने में सुकून मिलने लगा है..
_ जो चलते हुये….रुकने की कला सिखाते हैं…!!
_क्योंकि समय वह है जिससे जीवन बना है.
_आधी ख्वाहिशें ज़माना मुकम्मल होने नहीं देता..!!
_समझदारी ने तो बहुत कुछ छीन लिया…