मस्त विचार 3788
अब इतनी ज्यादा समझ आ गयी है कि…ना तो किसी के साथ बहस करने का मन करता है और ना ही ” समझाने का “
यदि आप वही कहते हैं_जो वे सुनना चाहते हैं
_ तो वे बहस नहीं करते हैं और खुश रहते हैं.!
_ तो वे बहस नहीं करते हैं और खुश रहते हैं.!
_उन का हर ऐब ज़माने को हुनर लगता है.
_यही खेल हम, ज़िन्दगी भर खेला करते हैं !