मस्त विचार 3764
फुरसत अगर मिलें तो मुझे पढ़ना जरूर…
मैं तेरी उलझनों का मुकम्मल जवाब हूँ…!
मैं तेरी उलझनों का मुकम्मल जवाब हूँ…!
होड़ खुद से आगे निकलने की होनी चाहिए न कि किसी और से….!!
__ आप उस से आगे भी तो जा सकते हैं
_पर जो मौज में जीना जानते हैं, वो शिकायत नहीं करते.
_हमारे पास जो कुछ भी है, उसके लिए आभारी रहना, एक अलग ही स्तर का निर्माण करता है..!!
_ मैं उन्हीं के लिए हूं, जो जाने कदर मेरी..
_मौजूदगी की कदर किसी को *नही*
हम इतने भी बुरे नहीं हैं, जितना तुमने सोच रखा है.
आपको ही मजबूत बनना पड़ेगा.