मस्त विचार 3914
जाया न कर अपने अल्फाज हर किसी के लिए…
_ बस खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है.
_ बस खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है.
….इसलिए धागे को लपेटकर और जुबान को समेटकर ही रखना चाहिए.
_ करने दो जो बकवास करते हैं, खाली बर्तन ही आवाज़ करते हैं.
_ पढ़ा-लिखा इंसान ज्यादा तू-तू मैं-मैं नहीं करता.!!
_ वरना मख़मल के बिस्तर भी चुभने लगते हैं.
_ क्योंकि यही तो वे लोग हैं, जो यह समझतें हैं कि आप बेहतर हैं.!!
_ तब तक समझ नहीं आता, जिन्दगी क्या है..