मस्त विचार 3908
अब तो खुशी भी मिलती है तो डर सा लगता है,
_ कि पता नहीं इस खुशी की कौन सी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.
_ कि पता नहीं इस खुशी की कौन सी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.
_ तूफान से लड़ने में मजा ही कुछ और है….
_क्योंकि हर दिन ख़ास मालूम पड़ता है.!!
_ कि दो कौड़ी के लोग आपकी फीलिंग्स से खेल के चले जाएं…
_ आदमी वाकई कभी तो, मुझको भी मिल पाएगा..