मस्त विचार 4755
ना होने का अहसास सबको है,
मौजूदगी की क़दर किसी को नहीं..
मौजूदगी की क़दर किसी को नहीं..
तुम आने से रहे और हम अब बुलाने से रहे…
पर सवाल यह है की सुख को ताला लगाया किसने है..
बस गिने चुने तुम कुछ खास हो !!
तुम्हारा यूँ जल जल कर जीना, मुझसे भी नहीं देखा जाता..
मेरे घर का कोई रास्ता, मखमली नहीं है !