मस्त विचार 4659
जो मिट गयी वो जिन्दगी कहाँ..
जिन्दगी वही है जिसे रोज जिया जाए.
जिन्दगी वही है जिसे रोज जिया जाए.
जो सोचता था हम एक दूसरे के बिना जी नहीं पाएंगे…!!!
काश !!
काश कोई अपना भी होता !!!!
जिन्हें अपना सब कुछ बता चुके हम !!!
ये वो लफ्ज़ होते हैं जिन्हें कागज नसीब नहीं होता ..
कचरा अपने आप किनारे लग जाएगा.