मस्त विचार 4653
छू न पाया मेरे अंदर की उदासी कोई,
मेरे चेहरे ने बहुत अच्छी अदाकारी की है !!
मेरे चेहरे ने बहुत अच्छी अदाकारी की है !!
लेकिन इतना तो हुआ की कुछ लोग पहचाने गये.
सपने मेरे औकात से भी बड़े हैं…!!!
शायद उसकी कोई बहुत कीमती चीज रह गई हमारे पास..
तो हिम्मत तुम्हारी कुछ कहने की ना होती.