मस्त विचार 3648

कितने भी दलदल हों ज़िन्दगी में पैर जमाये ही रखना,

_ चाहे हाथ खाली हो ज़िन्दगी में.. लेकिन उसे उठाये ही रखना,
_ कौन कहता है छलनी में पानी रुक नही सकता,
_ अपना हौसला बर्फ़ जमने तक बनाये रखना.!!
हौसला बन बिखरे टुकड़ों को संजोना होगा,

_ कोई नहीं होगा आपका.. आपको ही अपना होना होगा ..!!

मस्त विचार 3647

लोगों को अपने दुखों को दूर करने में कठिनाई होती है ;

_ अज्ञात के भय से, वे परिचित पीड़ा को पसन्द करते हैं”

अपना कठिन चुनें. – मोटापा कठिन है. फिट रहना कठिन है. अपना कठिन चुनें.

कर्ज में डूबना कठिन है. फाइनेंशियल रूप से अनुशासित रहना कठिन है. अपना कठिन चुनें.

कम्युनिकेट करना कठिन है. न करना भी कठिन है. अपना कठिन स्वयं चुनें.

जिंदगी कभी आसान नहीं होगी. यह हमेशा कठिन रहेगी.

लेकिन हम अपनी मेहनत चुन सकते हैं. – ‘बुद्धिमानी से चुनें’

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