मस्त विचार 3845

जाने कहां खो गई है जिन्दगी।।

चिट्ठी पत्री की शहादत हो गई ये जिन्दगी,
जन्म दिन, विवाह वार्षिकी, होली दीवाली,
त्योहारों पर चरण- वंदन, आशीर्वाद सब गुम हो गए,
अपनों से मिलकर बतियाने के दिन जाने कहां खो गए,
दही मिर्च वो रोटी, मंगोड़ी, कढ़ी, सांगरी, गट्टे की सब्जी,
पुरानी class के, पुराने लोगों के किस्से हो गए,
पिज्जा, बर्गर, पास्ता, चाउमिन, इस genaration में तो बस मंचूरियन हो गई जिंदगी,
बीमार मां बाप, रिश्तेदारों की खो गई तीमारदारी,
एक मैसेज में पूरी हो जाती जिम्मेदारी,
Get Well Soon हो गई जिन्दगी।
मनुहार पत्रिका को save the date निगल गई,
पीला टीका लगा निमंत्रण पत्र भी गुम होने लगा,
मोबाइल पर invitation हो गई जिंदगी।
वो छत, बरामदे, balcony का मजमा,
वो हा हा, ही ही का शोर, घर के पकवानों का मेला,
घर के बाहर परदे पर चलता सिनेमा भी ओझल हो गए,
बस Multiplex, kitty party हो गई जिंदगी।
सर से पैर तक पूरी digitalisation हो गई जिंदगी,
जाने कहां खो गई है जिन्दगी।।
।। पीके ।।

मस्त विचार 3844

एक बुरे दिन को कभी भी यह महसूस न होने दें कि आपका जीवन खराब है.

Never let a bad day make you feel like you have a bad life.

आप अपने विचार व्यक्त करें ताकि लोग जान सकें कि आप क्या महसूस करते हैं.

You can express write your thoughts so people know what you feel.

मस्त विचार 3842

मुझे लगा दुख बांटने से कम हो जाएगा, _पर साथ ही डर था कि ;

_लोगों को खबर हो जाएगी तो नमक लगा देंगे.!!

मस्त विचार 3841

उसी महफ़िल से मैं रोता हुआ आया हूँ ऐ ‘यारो’,

इशारे में जहाँ लाखों मुक़द्दर बदले जाते हैं..

मस्त विचार 3840

मेरे मरने के बाद उफ़ वो भी क्या नज़ारे होंगें,

_ कुछ जबरदस्त, तो कुछ जबरदस्ती रो रहें होंगे..

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