मस्त विचार 3619

ख़्वाबों के मखमल से, बाहर आइए जनाब..!

_ हक़ीक़त की धूप, आपका इंतज़ार कर रही है !!

हम किसी कि ज़रूरत और आदत हो सकते हैं,

_लेकिन हक़ीक़त में हम किसी के लिए ज़रूरी नहीं होते !!

कुछ हक़ीक़त ऐसी होती हैं, जिनका सच मानने में हम तमाम उम्र गुज़ार देते हैं.

मस्त विचार 3618

केवल वही _ जो पूरी दुनिया कि तरह जीने के लिए तैयार हैं, जो सभी तरह के अनुभव को महसूस करता है ;

_ वह खुद अपने स्वयं के होने की गहराई को महसूस करेगा.!!

मस्त विचार 3617

कोई मेरे साथ रहे या ना रहे इस बात का मलाल नहीं होता ;

अब तो जो होता है सब अच्छा है बस कुछ कमाल नहीं होता.

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