मस्त विचार 3809

मंजिल का कुछ पता नहीं, लेकिन राहों ने चाहा तो फिर मिलेंगे कहीं..
अजीब तरह से गुज़र रही है ज़िंदगी,

_सोचा कुछ हुआ कुछ चाहा कुछ मिला कुछ..

मस्त विचार 3806

मुँह फेर कर बेबसी को गुज़रने दिया,

_ इंसानियत भी अदा हो गयी, फ़र्ज़ भी पूरा हो गया ….

दुनिया हमारी बेबसी लाचारी का कहानी सुनकर हम पर गर्व नहीं करती..
_ बल्कि हमारा फायदा उठाती है.!!
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