मस्त विचार 4571
जंचता ही नहीं_ आंखों में कोई ,
दिल तुमको ही चाहे _ तो क्या किजिए…।।
दिल तुमको ही चाहे _ तो क्या किजिए…।।
ज़िंदगी हम को बस ऐसे ही आज़माती रही..!!
कीमत तुम्हारी और किस तरह समझाएं तुम्हे ।
जितना ख़ाली होता है एक भरा हुआ मन.
क्योंकि वो मुझे उतना ही समझेंगे जितनी उनमे समझ है..!!