मस्त विचार 4743
यदि सहन करने की हिम्मत रखता हूं तो,
तबाह करने का हौसला भी रखता हूं..
तबाह करने का हौसला भी रखता हूं..
मैंने कहा – यही तो खराबी है…
वो उतना ही बेपरवाह होकर मिलेगा.
ख़्वाब बुनूँ या ख़्वाहिशें रफ़ू करूँ..
अब ना जाने कितने टुकड़ों में बट गया हूं मैं !