मस्त विचार 4681

जीत किसके लिए, हार किसके लिए,

ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए।

जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,

फिर ये इतना अहंकार किसके लिए॥

मस्त विचार 4680

अपने अन्दर के बच्चे को हमेशा ज़िन्दा रखिये…

हद से ज्यादा समझदारी ,,,,, जीवन को नीरस कर देती है.

मस्त विचार 4676

ढाल लिया हैं मैंने खुद को.. अब उस पैमानें में..!!

जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!

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