मस्त विचार 4641
तेरे हो भी नहीं सकते, तुझे खो भी नहीं सकते,
मसला खुद खुश रहकर तुझे खुश रखने का,
इसलिए तेरे सामने हम रो भी नहीं सकते…….
मसला खुद खुश रहकर तुझे खुश रखने का,
इसलिए तेरे सामने हम रो भी नहीं सकते…….
क्यूँ न हम शीशे से कह दें…टूटा न करें !”
तुम पर नजर पड़ी और गुमराह हो गये..!!!
जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का..
_ जो छोड़ना सीख गया, वही नए साल को सच में जी पाता है.
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है..!!