मस्त विचार 4757
तुम खुश होकर मुस्कुराते हो.!
हम तुम्हे खुश देख कर मुस्कुराते हैं.!!
हम तुम्हे खुश देख कर मुस्कुराते हैं.!!
तब समझ में आया कि मैं भी किसी से कम नहीं.
मौजूदगी की क़दर किसी को नहीं..
तुम आने से रहे और हम अब बुलाने से रहे…
पर सवाल यह है की सुख को ताला लगाया किसने है..
बस गिने चुने तुम कुछ खास हो !!