मस्त विचार 4720
लम्बी चौड़ी बातें फेकना कतई नहीं पसंद,
बस जो भी हुँ अपने दम पर हुँ ” यही मेरे लिए काफी है “
बस जो भी हुँ अपने दम पर हुँ ” यही मेरे लिए काफी है “
उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं….!!
कमबख्त अगर हम ही इसे जीना ना सीख पाएं तो
इसमें जिंदगी की क्या गलती.
लगता है अब बस पढना ही पढना है..
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया..
ख़ुद की बताने का मन नहीं करता…