मस्त विचार 4742
किसी ने कहा – तुम बहुत अच्छे हो,,,
मैंने कहा – यही तो खराबी है…
मैंने कहा – यही तो खराबी है…
वो उतना ही बेपरवाह होकर मिलेगा.
ख़्वाब बुनूँ या ख़्वाहिशें रफ़ू करूँ..
अब ना जाने कितने टुकड़ों में बट गया हूं मैं !
उनका अनुभव करो_ क्योंकि वे आपको ऊंचा उठाने आए हैं…