मस्त विचार 4756
जब अकेला चलने लगा,
तब समझ में आया कि मैं भी किसी से कम नहीं.
तब समझ में आया कि मैं भी किसी से कम नहीं.
मौजूदगी की क़दर किसी को नहीं..
तुम आने से रहे और हम अब बुलाने से रहे…
पर सवाल यह है की सुख को ताला लगाया किसने है..
बस गिने चुने तुम कुछ खास हो !!
तुम्हारा यूँ जल जल कर जीना, मुझसे भी नहीं देखा जाता..