मस्त विचार 4698
पागल हूँ पागल ही रहने दो..
जिस दिन समझदार बन गया..सह नही पाओगे…
जिस दिन समझदार बन गया..सह नही पाओगे…
कोई उफनते समंदर से निकल आता है तो कोई किनारों पे डूब जाता है “
बोल पाना आज भी मेरे वश की बात नहीं….
किसी से कुछ कहने के लिए..
तकलीफ़ तब होती है जब उस दुःख में कोई साथ नहीं होता…!!