मस्त विचार 3666
ये तो परिन्दों की, मासूमियत है…!!
_ “वर्ना” दूसरों के घरों में, अब कौन आता है…!!
_ “वर्ना” दूसरों के घरों में, अब कौन आता है…!!
_ कि वो भी दूसरी दुनिया के लोग हैं, आखिर हमारे साथ ही क्यों चले ?
_ कम से कम अपना होना का दिखावा तो नहीं करते.
_ ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं..