मस्त विचार 3660
मत कर मायूस खुद को बुलन्दी से गिरने के बाद,
राहें नई भी खुलती हैं तूफानो के गुजरने के बाद..
राहें नई भी खुलती हैं तूफानो के गुजरने के बाद..
_फ़िक्र नही जमाना, अब क्या कहता है ।।
हम तो उनके देखने की अदा को देखते रह गए !
पर बिखरे पन्नों को, पहले प्यार से चिपकाइये.
तो समझ जाइए, अपना बहुत कुछ बनाने की जरुरत है.
सब होगा हासिल, तू अपनी ज़िद पे अड़ तो सही.