मस्त विचार 3528
नमक की तरह अपना एक अनोखा किरदार रखें, _क्योंकि इसकी उपस्थिति
महसूस नहीं होती है, लेकिन इसके बिना सब कुछ स्वादहीन हो जाता है.
महसूस नहीं होती है, लेकिन इसके बिना सब कुछ स्वादहीन हो जाता है.
_ उतनी ही तकलीफ देते हैं जितनी बर्दास्त कर सकूँ.
_ तीखे और कड़वे लोग अक्सर सच्चे होते हैं…
_ ठोकरें भी बेहद जरुरी है, ज़िंदगी की मूरत तराशने में…