मस्त विचार 4596
हालातों ने खो दी है, इस चेहरे की मुस्कान.
वरना हम तो जहां बैठते थे, वहीँ रौनक आ जाती थी..
वरना हम तो जहां बैठते थे, वहीँ रौनक आ जाती थी..
जब ख्याल आता है मेरी गुज़री हुई जिंदगी के बारे में..
यहाँ दुःख का भी सौदा हो जाता है…!!
यार तबियत भारी भारी रहती “
ये हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है !!
मैं देख लूँगा तो और तमाशा होगा.