मस्त विचार 3284
रास्ता तो कोई भी भटक सकता है, _ मगर मंज़िल पर पहुँचते वही हैं, _
_ जो उस भटकाव से सबक़ लेते हैं और अपनी यात्रा को सुनियोजित करते हैं.
_ जो उस भटकाव से सबक़ लेते हैं और अपनी यात्रा को सुनियोजित करते हैं.
_ उन पर करना मत कभी, कैसा भी विश्वास.
Don’t fear change, instead embrace it. When you change the way you think and act, everything around you changes.
_ कब तक दूसरों के सांचे में ख़ुद को ढालेंगे !!
Sometimes change becomes very necessary in life, how long will we mold ourselves in the mold of others!!
_ और तब तक बात ख़त्म हो चुकी होगी !!