मस्त विचार 3254
काँटों पर भी दोष कैसे डालें जनाब, _
_ पैर तो हमने रखा था, _ वो तो अपनी जगह पर थे..
_ पैर तो हमने रखा था, _ वो तो अपनी जगह पर थे..
अचानक…एक हमदर्द मिला, फिर उसी से हर दर्द मिला.
_ कि बारिश बन्द हो जाए तो छतरी भी बोझ लगने लगती है.
कौवों के टोकने से चील रुका नहीं करते !
अपनी पसन्द बदल लो, परछाई बदल जाएगी !!
क्योंकि हक़ीहत में कोई परवाह नही करता..!