मस्त विचार 3407
ताक़त आवाज़ में नहीं सोच में होनी चाहिए, क्यूँकि
फ़सल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं…
फ़सल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं…
_ वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।।
_ इंसान को देखना नहीं बस समझना सीखो.
_ ज़िंदगी एक ‘ खेल ‘ है इसे ‘ खेलना ‘ ज़रूरी है.
_ संतुष्टि बहुत बड़ी चीज है _ यही प्राप्त करने की कोशिश करना चाहिए.
_ जिनमें स्वाभिमान गिरवी न रखना पड़े..!!
_ उसके जैसा कोई दूसरा व्यक्ति पैदा ही नहीं हुआ.