मस्त विचार 3195

जिन्होंने छोड़ा है मुझे मेरे मुश्किल अंधेरों में,

वो भी लौट आयेंगे मेरे उगते सवेरों में…

मस्त विचार 3194

आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो.

_ सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..

मैं आईना हूँ दिखाऊंगा दाग़ चेहरे के, जिसे खराब लगे सामने से हट जाए..
आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,_ जब भी देखो दांया तो बायां नज़र आया है !!

_ इस लिए खुद को आईना समझकर दूसरों की कमियां बताने वाले लोग किसी को जज करना बन्द करें,

_ सभी की जिन्दगी एक जैसी नही होती, अलग अलग समस्याएं भी होती हैं,

_ बस फर्क है कि वक्त सही हो तो इंसान महान नजर आता है और वक्त खराब हो तो हैवान !

मस्त विचार 3193

जरा सी ज़िन्दगी में, व्यवधान बहुत हैं, _ तमाशा देखने को यहाँ, इंसान बहुत हैं !!

खुद ही बनाते हैं हम, पेचीदा ज़िन्दगी को _ वर्ना तो जीने के नुस्खे, आसान बहुत हैं !!

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