मस्त विचार 3118
जलाते चलो ये दिये स्नेह भर- भर, कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा..!
नए मौसम का पता बता, _ जो गुजर गया, वो गुजर गया…
मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूं.!
मुस्कुराएं जनाब, ये जिंदगी आपकी ही है…
उसके साथ ही उसका समाधान भी जन्म लेता है.
पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है.