मस्त विचार 3249

सिर्फ मुस्कुरा दीजिये और कह दीजिये मैं ठीक हुं,

क्योंकि हक़ीहत में कोई परवाह नही करता..!

मस्त विचार 3247

आज के जमाने में अगर किसी पर आँखें बंद करके भरोसा करो तो

वो इंसान आपको यकीन दिला देता है आप सच में अंधे हो.

मस्त विचार 3245

ख्वाहिशों का कैदी हूँ मैं, मुझे हक़ीक़तें सज़ा देती हैं _

_ आसान चीजों का शौक नहीं, मुझे मुश्किलें ही मज़ा देती हैं.

मस्त विचार 3244

डर मत कुछ अलग कर, _ डर तुझसे कहेगा की तू ये नहीं कर पायेगा..

पर क्या वो लिख कर दे पायेगा की तू हार जाएगा _ डर मत कुछ अलग कर…

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