मस्त विचार 3052

पता नहीं मैं बुरा हूँ या मेरा नसीब

मेरा हर वो शख्स दिल दुखाता है जिस पर मुझे नाज़ होता है.

मस्त विचार 3051

लोग कहते हैं कि इतना खुश कैसे रहते हो,

हमने कहा- हम किसी की खुशी देखकर जलते नहीं

और अपना दुख किसी को बताते नहीं.

मस्त विचार – ।। राह चलते चलते ।। – 3049

।। राह चलते चलते ।।

भीड़ है इतनी पर, कोई, किसी से,
मिलता क्यूँ नही है।
साथ चलते, टकराते,
घूम कर,आड़े तिरछे निकल जाना,
एक दूजे को देख कर,
झुठमुठ में मुस्कुराना,
कोई खुल कर हँसता क्यों नहीं है।
कोलाहल है, पर बोल नहीं है,
मेला है पर मेल नहीं है,
साथ चलते चलते किसी से हाथ मिलाना,
कोई दिल से अतरंग मिलता क्यों नहीं है।
Whatsapp पर है होली दीवाली,
पर फूलझड़ी, पटाखा, गुलाल नही है,
बड़ों का आशीर्वाद नहीं है।
जन्मदिन, वर्षगाँठ और दुनिया का ज्ञान,
Facebook पर है चेहरा,
पर कोई भाव नहीं है।
कोई आकर इनको आईना,
दिखाता क्यों नहीं है,
खो गयी मिट्टी की खुशबू,
इस महँगे इत्र के बाजार में,
बिक रही चांदनी अब,
रोशनी के बाजार में,
रिश्ते हैं सारे मगर,
अब प्यार नही है ।
।।पीके ।।

मस्त विचार 3048

*किसी को नसीहत के फूल देते वक़्त*…..*खुद उनकी ख़ुशबू लेना मत भूलिये..*
ख़ुशबू अपना रास्ता खुद बनाती है, _ फूल तो डाली का होकर रह जाता है !!!
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