मस्त विचार 3252
फ़ितरत तो कुछ यूँ भी है इंसान की, _
_ कि बारिश बन्द हो जाए तो छतरी भी बोझ लगने लगती है.
_ कि बारिश बन्द हो जाए तो छतरी भी बोझ लगने लगती है.
कौवों के टोकने से चील रुका नहीं करते !
अपनी पसन्द बदल लो, परछाई बदल जाएगी !!
क्योंकि हक़ीहत में कोई परवाह नही करता..!
_ वो तो काम पड़ता है, इसलिये मिलना पड़ता है ..!
वो इंसान आपको यकीन दिला देता है आप सच में अंधे हो.