मस्त विचार 3240
थोड़ी आहिस्ता चल ऐ ज़िंदगी _ तुझे और भी ठोकरें खानी बाकी है !!
न किसी के हाथ की जरूरत है _ ना किसी के साथ की..
_ अक्सर हम समझौते को हार का नाम देते हैं, मगर ऐसा नहीं है.
_ दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएँ, कुछ कर जाएँ ;
_ Because जब दोनों मिलेंगे बात तब बनेगी ..
जितना उसे चाहने वाला _ उसे बना देता है..