मस्त विचार 3041
शौहरत अच्छी होती है, गुरुर अच्छा नहीं होता.
अपनों से बेरुखी से पेश आना, हुजुर अच्छा नहीं होता..
अपनों से बेरुखी से पेश आना, हुजुर अच्छा नहीं होता..
और जब खूब वक्त देंगे तो वे कहेंगे आजकल फ़्री हो बहुत, कोई काम नहीं है क्या ?…..!!!
वही लोग दुनिया बदल सकते हैं.
लोग अक्सर खिले हुए, फूल को तोड़ देते हैं.
ऐसी छोटी- छोटी हरकतें छोटी सोच वाले ही करते हैं.
आप सही, मैं गलत, बात खत्म…