मस्त विचार 2993
जिद्द चाहिए जितने के लिए, _ हारने के लिए तो एक डर ही काफी है.
इंसान जब जिद पर उतर आए कि वो झुकेगा नहीं..
_तो जूठे बर्तन धोना भी उसे फूल चुनने जैसा लगने लगता है.
_तो जूठे बर्तन धोना भी उसे फूल चुनने जैसा लगने लगता है.
जो पहले से जल रहा है उसे और क्या जलाना..
यूं ही हम लाजवाब नहीं हुए साहिब !
ये मत सोचिए – ? घर किसका रोशन हुआ.
मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर ही एक जमाना है…!
_ किरदार जिनके खुद के मरम्मत मांग रहे हैं.