मस्त विचार 2987
खुद को पढता हूँ, फिर छोड़ देता हूँ !
एक पन्ना जिंदगी का मैं, रोज मोड़ देता हूँ !!
एक पन्ना जिंदगी का मैं, रोज मोड़ देता हूँ !!
_ पर सज़ा वहां मिली जहां बेकसूर थे !!
मैं उम्र काटता नही, जिंदगी जिया करता हूँ…
यह पूछ कर कितने लोगों ने धोखे दिए…
तुम्हारी छूट गयी है हमारी भी छूट जाएगी…
मेरे दोनों पाँव भी कभी साथ नहीं चलते.