मस्त विचार 3198

न हम मीठे हैं और न ही मीठा बनने की आदत है,

हम तो वो सच हैं जो हमेशा सबको कड़वे लगते हैं.

We are neither sweet nor have the habit of becoming sweet,

We are the truth that always seems bitter to everyone.

मस्त विचार 3197

अगर आप में उत्साह है, _ तो आप कुछ भी कर सकते हैं.

उत्साह समस्त प्रगति का स्त्रोत है ; _ यह नहीं है तो सिर्फ बहाने हैं.

– ” उत्साह प्रयास की जननी है ” –

मस्त विचार 3196

माफ करने से ही दिल हल्का फुल्का हो जाता है, _ कभी करके देखना ; अगर नहीं भी करोगे तो पीड़ा तो आप को ही सहन करनी है, _

_ क्यों इतनी छोटी सी जिंदगी उनके पीछे बर्बाद करें ? क्यों न मस्ती में नाचें, गाएं और ऐश करें..

जिन्हें भुलाया नहीं जाता उन्हें माफ कर दो, _

_ और जिन्हें माफ नहीं कर सकते उन्हें भूल जाओ.

मस्त विचार 3195

जिन्होंने छोड़ा है मुझे मेरे मुश्किल अंधेरों में,

वो भी लौट आयेंगे मेरे उगते सवेरों में…

मस्त विचार 3194

आईना हूं तेरा, क्यूं इतना कतरा रहे हो.

_ सच ही कहूंगा, क्यूं इतना घबरा रहे हो..

मैं आईना हूँ दिखाऊंगा दाग़ चेहरे के, जिसे खराब लगे सामने से हट जाए..
आईना भला कब किसी को सच बता पाया है,_ जब भी देखो दांया तो बायां नज़र आया है !!

_ इस लिए खुद को आईना समझकर दूसरों की कमियां बताने वाले लोग किसी को जज करना बन्द करें,

_ सभी की जिन्दगी एक जैसी नही होती, अलग अलग समस्याएं भी होती हैं,

_ बस फर्क है कि वक्त सही हो तो इंसान महान नजर आता है और वक्त खराब हो तो हैवान !

मस्त विचार 3193

जरा सी ज़िन्दगी में, व्यवधान बहुत हैं, _ तमाशा देखने को यहाँ, इंसान बहुत हैं !!

खुद ही बनाते हैं हम, पेचीदा ज़िन्दगी को _ वर्ना तो जीने के नुस्खे, आसान बहुत हैं !!

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