मस्त विचार 3212

ज्यादा गुरुर मत करना, ऊपर वाला मेहर करने पर आए, तो सरताज बना देता है,

और जरा सी नजर फेर ले तो मोहताज बना देता है…

मस्त विचार 3208

शहर के हर शख्स ने वसीयत में शराफ़त पाई है,

हैरान हूँ मैं सोचकर फिर बेईमानी कहां से आई है.

मस्त विचार – यार से ऐसी यारी रख – 3207

यार से ऐसी यारी रख, दुःख में भागीदारी रख,

चाहे लोग कहे कुछ भी, तू तो जिम्मेदारी रख,

वक्त पड़े काम आने का, पहले अपनी बारी रख,

मुसीबते तो आएगी, पूरी अब तैयारी रख,

कामयाबी मिले ना मिले, जंग हौंसलों की जारी रख,

बोझ लगेंगे सब हल्के, मन को मत भारी रख,

मन जीता तो जग जीता, कायम अपनी खुद्दारी रख.

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