मस्त विचार 3206

खुश लोग इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि उनके पास क्या है.

दुखी लोग इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि उनके पास क्या नहीं है.

मस्त विचार 3204

कभी कभी देर से सही _ पर खोई हुई चाभी मिल जाती है,

लेकिन अफसोस _ तब तक हम अपना ताला बदल चुके होते हैं…

मस्त विचार 3202

हथेली तब भी छोटी थी, हथेली अब भी छोटी है, _ पहले खुशियाँ बटोरने में चीजें,

छूट जाती थीं, _ अब चीजें बटोरने में खुशियाँ छूट जाती हैं.!!

मस्त विचार 3201

हम जैसे लोग ही दोहरा अज़ाब { पीड़ा } झेलते हैं,

_ हमें सोचते रहने की लत जो लगी हुई है..

पीड़ा का स्रोत अगर कोई अपना हो तो..

_ हम खुल कर विलाप भी नहीं कर पाते हैं…

error: Content is protected