मस्त विचार 2922

*हक़ीकत की भीड़ से..* *कुछ गुमशुदा सपने.. ढूँढ रहे हैं ..!!*

*आज- कल हम अपनो में ..* *कुछ अपने.. ढूँढ रहे हैं ..!!*

मस्त विचार 2920

लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,

मैंने दर्द की अपने नुमाइश न की,

जब जहाँ जो मिला अपना लिया,

जो न मिला उसकी ख्वाइश न की.

मस्त विचार 2919

हल्के हल्के बढ़ रही है चेहरे की लकीरें

नादानी और तजुर्बे का बंटवारा हो रहा है !!

दूसरों को हर वक़्त तौलने वाले, खुद बहुत हल्के होते हैं..!!

मस्त विचार 2918

कोई रूठे तो उसे जल्दी मना लिया करो, ऐ-दोस्तों…

गुरूर की जंग में अक्सर जुदाई जीत जाया करती है…!

error: Content is protected